
थोड़ी देर रुकने के बाद बस फिर से चलने लगी। इंजन की धीमी गड़गड़ाहट के साथ अंदर की लाइटें हल्की एम्बर रोशनी में बदल गईं, जिससे पिछली सीट लगभग अंधेरे में डूब गई। आरव खिड़की के पास अधूरी नींद में डूबा हुआ था; उसका शरीर उस ज़बरदस्त एहसास से भारी था जो मीरा ने कुछ घंटे पहले ही उससे हासिल किया था। उसके ट्रैक पैंट, जो अब सूख चुके थे लेकिन जिन पर उस राज़ के निशान थे, किसी सपने के सबूत जैसे लग रहे थे—क्या यह सच था? उसका दिमाग उलझा हुआ था, वह बार-बार सोच रहा था कि उसकी जेब में मीरा की गीली पैंटी है और उसकी वह समझदार नज़र जिसने ग्रुप टूर के दौरान उसके मन में मीरा के लिए छिपी दीवानगी को उजागर कर दिया था। उसके बगल में बैठी मीरा शांत थी; उसके ढीले सूती ट्राउज़र और बटन वाली शर्ट उसकी कभी न खत्म होने वाली चाहत को छिपाए हुए थे। सालों की ज़िम्मेदारियों—काम, परिवार, संयम—के बाद वह ज़िंदा महसूस कर रही थी; संतुष्ट होने के बावजूद उसे और चाहत थी, और आरव को अपनी दुनिया में ले जाने के रोमांच से उसका शरीर झूम रहा था।











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