मेरे प्रोफ़ेसर (हिंदी) (18+)
हर कहानी प्रेम से शुरू नहीं होती।
कुछ कहानियाँ एक ऐसी नज़र से शुरू होती हैं जो बार-बार याद आती है।
एक अनजानी भूल।
एक अधूरा संवाद।
और एक ऐसा मौन, जो शब्दों से कहीं ज़्यादा बोलता है।
जब लिसा एडिनबर्ग पहुँची, उसने सोचा था कि उसकी सबसे बड़ी चुनौती नया शहर, नई यूनिवर्सिटी और नई ज़िंदगी होगी। उसे यह अंदाज़ा भी नहीं था कि एक प्रोफ़ेसर के ऑफिस में घटी कुछ सेकंड की घटना उसके विचारों की दिशा बदल देगी।
डॉ. रोवन हेल विश्वविद्यालय के सबसे सम्मानित प्रोफ़ेसरों में गिने जाते थे। अनुशासित, शांत और अपने पेशे के प्रति पूरी तरह समर्पित। उनकी दुनिया नियमों से चलती थी, और उन्होंने अपने चारों ओर ऐसी दीवारें बना रखी थीं जिनके भीतर शायद ही कोई झाँक पाया हो।
लेकिन इंसान की कल्पना...
कभी-कभी वास्तविकता से भी अधिक शक्तिशाली होती है।
एक छोटी-सी घटना ने लिसा के भीतर ऐसे सवाल जगा दिए जिनका कोई आसान उत्तर नहीं था। वास्तविकता और कल्पना के बीच की रेखा धुंधली होने लगी। हर मुलाक़ात, हर नज़र और हर ख़ामोशी उसके मन में एक नई कहानी लिखने लगी।
यह केवल एक प्रोफ़ेसर और उसकी छात्रा की कहानी नहीं है।
यह मन की उलझनों, आकर्षण, कल्पना और उन निर्णयों की कहानी है जो किसी भी जीवन की दिशा हमेशा के लिए बदल सकते हैं।
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